Friday, 28 December 2012

कोई और माँ नहीं हो सकता ........!


कोई और माँ नहीं हो सकता ........!

 

क्या होती है माँ..?

बच्छों की शान होती है माँ

खाने का पूरा सामान होती है माँ

दर्द में पूरा आराम होती है माँ

हर सुख का पैगाम होती है माँ

बचपन से जवानी तक ..............

के सारे सफ़र की किताब होती है माँ

दूर रह कर भी कितने पास होती है माँ

हर बार सचेत करने  के बावजूद भी गलती करने पर,

डांटने के बाद , फिर सहलाती है माँ

हम भूखे रह तो, कभी खाना नहीं खाती है माँ

हमारा खयाल, हमारी जिंदगी

इन सब बातों का, जीता जागता जवाब होती है माँ 

चाहे सारे साथ छोड़ दे

पर कभी ना छुटने वाला साथ होती है

माँ तो माँ ही होती है

कोई और माँ नहीं हो सकता ........!

कोई और माँ नहीं हो सकता ........!

 

 

एक माँ मै भी हु,

आपकी हर्षा.