Tuesday, 4 June 2013

बरसात


बरसात

 

देखो फिर बरसात आ गयी ............!

मेरी आँखों में.................

कई स्वप्न सजा गयी !

रिम जिम पुहरों से ..........

दिल को फिर सहला गयी !

देखो फिर बरसात आ गयी ...........!

 

आ के सोई यादों को........

एक बार फिर जगा गयी !

कुछ कुछ मुझे रुला गयी

ओर थोडा हँसा गयी ...!

देखो फिर बरसात आ गयी .............!

 

फिर एक बार जिन्दगी को....

जिन्दगी से मिला गयी !

मेरे जिन्दा होने का ...........

देखो जश्न मना गयी !

देखो फिर बरसात आ गयी ................!