सोचा ना था ?
उम्र के इस पड़ाव
पे ,
कभी ऐसा भी होगा
सोचा ना था ?
कोई गैर अनजाना सा
कभी अपना भी होगा
सोचा ना था ?
अचानक ही कोई आकर
सुन्दर स्वप्न पिरो जायेगा
सोचा ना था ?
मेरे होटों से , मेरी मुस्कान के
दो-दो हाथ करा जायेगा
सोचा ना था ?
मेरे मन मयूर में
कोई संगीत भर जायेगा
सोचा ना था ?
मेरे सपाट मानस पे
कोई लकीरें खीच जायेगा
सोचा ना था ?
मेरी ऊमिदों को कोई
सच्चाई में बदल जायेगा
सोचा ना था ?
अंत में ..... ,
मेरा परिचय कोई
मुझसे ही करा जायेगा
सोचा ना था ?
सोचा ना था ?