अपनी तारीफ
" जिंदगी जीने के ....... ,
नए आयाम समेट लाते है,
हम हर कोने से जा-जा कर,
नए नाम समेट लाते है "
" उनसे कहते है अपने दिल की,
उनसे सुनते है अपने दिल की,
वो चाहे सुने ना सुने............,
हम तो करते है अपने दिल की "
" जिद से ज्यादा,
जिद्दी है हम,
ओर क्या कहे कितने,
फिसद्दी
है हम "