बुढ़ापा
हर
उम्र कि एक अपनी कहानी होती है
तुम
मानो य ना मानो .....................!
पर बुडापे
कि भी, एक जवानी होती है
इस
पडाव पे आ कर दिल वो करता है
जो
कभी सोचा तो था, पर किया नहि
दिल
मैण्डक कि तरह डूबकिया लगाना चाहता है
शरीर
में जान हो ना हो, पर वो लहराना चाहता है
क्यूकी...............जिंदगी
अंतिम पड़ाव पे होती है
और
क्या पता कल वो हो ना हो !