Saturday, 6 April 2013

अनुभव


अनुभव

आओ आज कुछ अनुभवों की बातें करे

कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी - पहचानी 

ख़ुद से मुलाकाते करे.........................!

बचपन से जवानी, जवानी से वयस्कता

हमें कुछ ना कुछ अनुभव कराती गई है

क्यू ना आज उसके निचोड़ की बातें करे

क्यू ना आज उसके हासिल की बातें करे

कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी - पहचानी 

ख़ुद से मुलाकाते करे.........................!

मैंने तो यही अनुभव किया है आज तक

की हम चाहे जितना जोर लगाये

हमारे बस में सब कुछ नहीं होता

ना जाने कौन हमें चलाता है, हमसे खेलता है

हमें नचाता है, हमें हसाता है, हमें रुलाता है

ये कभी - कभी तो पता ही नहीं चलता ?

इक पल को लगता है हम सब कुछ है, सर्वस्व है,

और दुसरे ही पल ये भी लगता है हम सब नहीं है

ये कितना विचित्र अनुभव है ?

पर यकीं मानो अब तक, यही अनुभव हुआ है मुझे…..

आओ आज कुछ अनुभवों की बातें करे

कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी - पहचानी 

ख़ुद से मुलाकाते करे.........................!

इसलिए जो माहौल है , जैसा है , और जितना है 

हमारे पास , उसमे खुश और संतुस्ट रहना चाहिए 

जिन्दगी हमारी है पर चलाने  वाला कोई ओर  है 

इस हकीक़त को नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता 

इस सच्चाई के साथ आगे बढ़, हर समय चलते रहना चाहिए ,

निरंतर झरने - सा  कल -कल बहते रहना चाहिए 

कल की चिंता छोड़ कर आज को बेहतर बनाना चाहिए 

और जो हमारे बस में नहीं उसको पूरी तरह भूल जाना चाहिए ..

ताकि हम ओर बेहतर जी सके , जिंदगी  का रस पि सके 

आओ आज कुछ अनुभवों की बातें करे

कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी - पहचानी 

ख़ुद से मुलाकाते करे.........................!

Wednesday, 3 April 2013

कल्पना


कल्पना

 

मेरी कल्पना की दुनिया में मेरे संग उड़ चलो 

मैं रहती हु जहाँ , वहां तुम भी तो जरा चलो !

 

हर कोई खुश और सम्पन है मेरी इस दुनिया में 

ना कोई दुराचार ना  दुष्कर्म है मेरी इस दुनिया में 

एक ओर ख्वाहिशो का मेला है मेरी इस दुनिया में 

तो कई सपनों का अनगिनत बसेरा है मेरी इस दुनिया में 

मेरी कल्पना की दुनिया में मेरे संग उड़ चलो 

मैं रहती हु जहाँ , वहां तुम भी तो जरा चलो !

 

चारो ओर खुशियाँ गुनगुनाती है मेरी इस दुनिया में 

अरमान मचलते है प्रियतम पे बरसते है मेरी इस दुनिया में 

कही हवाएँ खुशबू  लुटाती है मेरी इस दुनिया में 

तो कहीं चाँदनी ख्वाब सजाती है मेरी इस दुनिया में 

मेरी कल्पना की दुनिया में मेरे संग उड़ चलो 

मैं रहती हु जहाँ , वहां तुम भी तो जरा चलो !

 

प्यार है , सुख है , शांति है , सुकून है , खुलूस है मेरी इस दुनिया में 

एक मदमाती - मुस्कराती असल सुन्दर दुनिया है मेरी इस दुनिया में 

मेरी कल्पना की दुनिया में मेरे संग उड़ चलो 

मैं रहती हु जहाँ , वहां तुम भी तो जरा चलो !

 

Tuesday, 2 April 2013

इरशाद




इरशाद 

 

हर बात पे , बेबात पे 

ये आपका ....ओर ...,

कहना अच्छा नहीं लगता 

इक ज़रा सा गौर करे  

बात - बात पे

ये आपका ....ओर ...,

कहना अच्छा नहीं लगता 

 

 
किस तरह करे कोई 

आपसे बातें 

होती नहीं हें आपसे 

जब मुलाकातें 

 

 
मैं क्या खफ़ा रहूँगी

आप रहने नहीं देते 

कुछ कहु अगर मैं 

आप कहने नहीं देते