अनुभव
आओ आज कुछ अनुभवों की
बातें करे
कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी -
पहचानी
ख़ुद से मुलाकाते
करे.........................!
बचपन से जवानी, जवानी
से वयस्कता
हमें कुछ ना कुछ अनुभव
कराती गई है
क्यू ना आज उसके
निचोड़ की बातें करे
क्यू ना आज उसके हासिल
की बातें करे
कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी -
पहचानी
ख़ुद से मुलाकाते
करे.........................!
मैंने तो यही अनुभव
किया है आज तक
की हम चाहे जितना जोर
लगाये
हमारे बस में सब
कुछ नहीं होता
ना जाने कौन हमें
चलाता है, हमसे खेलता है
हमें नचाता है, हमें
हसाता है, हमें रुलाता है
ये कभी - कभी तो पता
ही नहीं चलता ?
इक पल को लगता है हम
सब कुछ है, सर्वस्व है,
और दुसरे ही पल ये भी
लगता है हम सब नहीं है
ये कितना विचित्र
अनुभव है ?
पर यकीं मानो अब तक,
यही अनुभव हुआ है मुझे…..
आओ आज कुछ अनुभवों की
बातें करे
कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी -
पहचानी
ख़ुद से मुलाकाते
करे.........................!
इसलिए जो
माहौल है , जैसा है , और जितना है
हमारे पास , उसमे
खुश और संतुस्ट रहना चाहिए
जिन्दगी हमारी है पर
चलाने वाला कोई ओर है
इस हकीक़त को
नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता
इस सच्चाई के साथ आगे
बढ़, हर समय चलते रहना चाहिए ,
निरंतर झरने - सा कल -कल बहते रहना चाहिए
कल की चिंता छोड़ कर आज
को बेहतर बनाना चाहिए
और जो हमारे बस में
नहीं उसको पूरी तरह भूल जाना चाहिए ..
ताकि हम ओर बेहतर जी
सके , जिंदगी का रस पि सके
आओ आज कुछ अनुभवों की
बातें करे
कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी -
पहचानी
ख़ुद से मुलाकाते
करे.........................!