Wednesday, 3 April 2013

कल्पना


कल्पना

 

मेरी कल्पना की दुनिया में मेरे संग उड़ चलो 

मैं रहती हु जहाँ , वहां तुम भी तो जरा चलो !

 

हर कोई खुश और सम्पन है मेरी इस दुनिया में 

ना कोई दुराचार ना  दुष्कर्म है मेरी इस दुनिया में 

एक ओर ख्वाहिशो का मेला है मेरी इस दुनिया में 

तो कई सपनों का अनगिनत बसेरा है मेरी इस दुनिया में 

मेरी कल्पना की दुनिया में मेरे संग उड़ चलो 

मैं रहती हु जहाँ , वहां तुम भी तो जरा चलो !

 

चारो ओर खुशियाँ गुनगुनाती है मेरी इस दुनिया में 

अरमान मचलते है प्रियतम पे बरसते है मेरी इस दुनिया में 

कही हवाएँ खुशबू  लुटाती है मेरी इस दुनिया में 

तो कहीं चाँदनी ख्वाब सजाती है मेरी इस दुनिया में 

मेरी कल्पना की दुनिया में मेरे संग उड़ चलो 

मैं रहती हु जहाँ , वहां तुम भी तो जरा चलो !

 

प्यार है , सुख है , शांति है , सुकून है , खुलूस है मेरी इस दुनिया में 

एक मदमाती - मुस्कराती असल सुन्दर दुनिया है मेरी इस दुनिया में 

मेरी कल्पना की दुनिया में मेरे संग उड़ चलो 

मैं रहती हु जहाँ , वहां तुम भी तो जरा चलो !

 

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