कुछ तुम बदल गए….,
कुछ हम बदल गए !
उम्र के साथ जिंदगी के
मायने बदल गए !
कुछ तुम बदल गए
कुछ हम बदल गए !
रफ़्तार से चली जिंदगी
मोड़ पे आ कर रुक गई !
बिगड़ी हुई बात
बनते बनते रह गई !
कुछ तुम बदल गए
कुछ हम बदल गए !
हमने सुना था कमल में
कभी कांटे नहीं होते !
पर दल-दल में पाव देखो
कुछ ऐसे धस गए !
कुछ तुम बदल गए
कुछ हम बदल गए !
संभल कर चले थे हम
सरे शाम तक मगर !
देहलीज़ पे आ के शब की
सारे अरमान मचल गए !
कुछ तुम बदल गए
कुछ हम बदल गए !