आज फिर जीने को दिल करता है
पता नहीं कब बीत गए वो कॉलेज के दिन
पता नहीं कब बिछड़ गए वो यार-दोस्त
अब जब जिंदगी किसी मक़ाम पर आ कर रुकी
तो अचानक ही ..........सबकी याद आ गयी
वो बातें , वो लड़कपन, वो मस्ती, और वो हँसी याद आ गयी
एक अरसा हो गया है मुझे खुलकर हसें
एक मुद्दत से मै कही रुक सी गयी थी
शायद जिंदगी की दौड़ में , जीना छोड़ चुकी थी
आज वो हर बात करने को दिल करता है
आज फिर जीने को दिल करता है
आज फिर जीने को दिल करता है