Sunday, 30 December 2012

कमाल


कमाल

 

जी जो चाहता है,

जब वो उसे मिल जाता है,

तो तो बस............................,

कमाल ही हो जाता है !

कौन आता है, किधर जाता है,

इन सबका कहाँ  खयाल आता है,

जी जो चाहता है,

जब वो उसे मिल जाता है,

तो तो बस............................,

कमाल ही हो जाता है !

खुशियाँ फूलों की बौछारों से लगती है,

कड़ी धुप में भी चाँदनी महकती है ,

जी जो चाहता है,

जब वो उसे मिल जाता है,

तो तो बस............................,

कमाल ही हो जाता है !

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