क्या मौसम हैं !
क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये
क्यूँ न बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !
तकल्फुफ़ ना करो बस तब्बसुम लेकर आ जाओ
मेरे घर तक बस वो खुशबू लेकर आ जाओ
मेरी तम्मनाओ को फिर उस प्यार से सहला जाओ
अब देर ना करो मौसम का तकाज़ा है तुम आ जाओ
तुम आ जाओ .....................
क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये
क्यूँ न बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !
उन हसीन लम्हों का दौर फिर दोहरा जाओ
मेरे माथे की हर सिकन को मिटा जाओ
मेरी सांसों में वो स्नेह का संगीत बजा जाओ
अब देर ना करो मौसम का तकाज़ा है तुम आ जाओ
तुम आ जाओ .....................
क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये
क्यूँ न बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !