Tuesday, 29 January 2013

मौत ............!


मौत ............!

कह दो मौत से न इधर आये..............

अभी मैं थोड़ी व्यस्त हु !

अभी तो मैंने अपने गहने भी नहीं संजोये

अभी तो मैंने अपने कपडे भी नहीं समेटे

किचन भी मेरा अस्त-वस्त पड़ा है

घर भी अब तक संगवाया नहीं गया है

और मेरे प्यारे रिश्तों को तो फीता तक नहीं लगाया

अभी तो मैंने अपने समिपों से संवाद तक नहीं साधा है

जब तक मैं अपने अपनों का सारा काम न समाप्त करू

उन सबको मैं उनकी जिमेदारियां ना सौप दू

तब तक मैं यहाँ से जा नहीं सकती

यह तो किसी हाल मुमकिन ही नहीं है

सो ...... कह दो मौत से न इधर आये..............

अभी मैं थोड़ी व्यस्त हु !