Wednesday, 27 February 2013

कुछ तुम बदल गए…., कुछ हम बदल गए !


कुछ तुम बदल गए…., कुछ हम बदल गए !

 

उम्र के साथ जिंदगी के

मायने बदल गए !

कुछ तुम बदल गए

कुछ हम बदल गए !

 

रफ़्तार से चली जिंदगी

मोड़ पे कर रुक गई !

बिगड़ी हुई बात

बनते बनते रह गई !

कुछ तुम बदल गए

कुछ हम बदल गए !



हमने सुना था कमल में

कभी  कांटे नहीं होते !

पर दल-दल में पाव देखो

कुछ ऐसे धस गए !

कुछ तुम बदल गए

कुछ हम बदल गए !

 

संभल कर चले थे हम

सरे शाम तक मगर !

देहलीज़ पे के शब की

सारे अरमान मचल गए !

कुछ तुम बदल गए

कुछ हम बदल गए !

Tuesday, 26 February 2013

कुछ शेर .......तेरे नाम


कुछ शेर .......तेरे नाम

 

 

" एक ठंडक-सी मन को लगती हैं

  जब तुम मुस्कुराती हो

  एक नशा-सा छा जाता हैं

  जब नज़रे मिलाती हो "

 

" क्या बात करू तुझसे

   कुछ समझ में आता नहीं   

   पर तुझसे मिलने का खयाल

   कमबख्त दिल से जाता नहीं "

 

" कुछ वक्त ओर तेरे साथ

  गुजारने की ख्वाहिश रखते हैं हम

  तुझे कुछ ओर करीब से

  जानने की ख्वाहिश रखते हैं हम "

 

Monday, 25 February 2013

Sweetness of Relations


 

 

रिस्तो की मिठास

 

कुछ रिस्तो के दारोमदार पर ये जिंदगी खड़ी है

कुछ रिस्तो की मिठास से ये जिंदगी बनी है

कुछ रिश्ते है जो जिंदगी को जिन्दा रखे है

कुछ रिस्तो की वजह से ये जिंदगी जीनी है

कुछ रिश्ते है जो अब तक जीना सिखा रहे है

...कुछ रिश्ते है जो रिश्तों की लाज निभा रहे है

रिश्ता रिश्ते-दारी से बड़ा होना चाहिए

हर वक़्त पाने वालो ने भी कुछ खोना चाहिए !

कुछ रिस्तो के दारोमदार पर ये जिंदगी खड़ी है

कुछ रिस्तो की मिठास से ये जिंदगी बनी है

 

Saturday, 23 February 2013

..........जपून ठेवेल मी तुझ्या आठवणी !


{ जपून ठेवेल मी तुझ्या आठवणी .......}

 

मला काही तरी मनासारखं गोड खाण्याची जेह्वा - जेह्वा

............................अतिशय इच्छा होणार !

तेह्वा - तेह्वा थोड्या- थोड्या प्रमाणात

हृदयातून बाहेर काढेल मी तुझ्या आठवणी
जपून ठेवेल मी तुझ्या आठवणी !


मी काम करून थकून जेह्वा - जेह्वा गार होणार
आणि मला जिवंत होण्याची , पूर्णपणे जगण्याची जेह्वा - जेह्वा

..............................अतिशय इच्छा होणार !

तेह्वा - तेह्वा थोड्या- थोड्या प्रमाणात
हृदयातून बाहेर काढेल मी तुझ्या आठवणी
जपून ठेवेल मी तुझ्या आठवणी !


ह्या जगाचा गडबडीत , धक -धकीत , अडचणीत
मी स्वताला विसरून जाणार आणि मला स्वतासी भेटण्याची जेह्वा - जेह्वा

..........................अतिशय इच्छा होणार !
तेह्वा - तेह्वा थोड्या- थोड्या प्रमाणात
हृदयातून  बाहेर काढेल मी तुझ्या आठवणी
जपून ठेवेल मी तुझ्या आठवणी !


मी मेलो तरी माझ्या हृदयात पूर्णपणे सुख - रूप ठेवेल मी तुझ्या आठवणी
तुझ्या आठवणी , हा तुझ्या आठवणी ...........
              ..........जपून ठेवेल मी तुझ्या आठवणी !