छंद शेर
" जाने कब मुझे तू याद करेगी ,
मुझसे मिलने की फरियाद करेगी "
" हर पल तेरी याद मेरे जहन में रहती हैं,
तू दूर रहकर भी मेरे रूबरू रहती हैं "
" जितना भुलाना चाहू ,
उतना याद आता है,
कमबख्त तेरा ख़याल,
इतना नागवार क्यू है "
" हर वो कमी जो अन्दर है मेरे,
जो तुझे मेरे करीब आने से रोकती है,
तू बता दे मुझे, तेरी कसम है मुझे,
मैं उसे जड़ से ख़त्म कर दूंगा "