Tuesday, 29 January 2013

मौत ............!


मौत ............!

कह दो मौत से न इधर आये..............

अभी मैं थोड़ी व्यस्त हु !

अभी तो मैंने अपने गहने भी नहीं संजोये

अभी तो मैंने अपने कपडे भी नहीं समेटे

किचन भी मेरा अस्त-वस्त पड़ा है

घर भी अब तक संगवाया नहीं गया है

और मेरे प्यारे रिश्तों को तो फीता तक नहीं लगाया

अभी तो मैंने अपने समिपों से संवाद तक नहीं साधा है

जब तक मैं अपने अपनों का सारा काम न समाप्त करू

उन सबको मैं उनकी जिमेदारियां ना सौप दू

तब तक मैं यहाँ से जा नहीं सकती

यह तो किसी हाल मुमकिन ही नहीं है

सो ...... कह दो मौत से न इधर आये..............

अभी मैं थोड़ी व्यस्त हु !
 

Monday, 28 January 2013

ग़ज़ल .......तेरी मेरी उम्र मे


ग़ज़ल .......तेरी मेरी उम्र मे

 

तेरी मेरी उम्र मे अक्सर ये होता है

जुबा खमोश और दिल रोता है, है ना !

 

तेरे मेरे साथ अक्सर ये होता है

वक़्त खामोश और काम होता है, है ना !

 

तेरे मेरे बिच मे अक्सर ये होता है

तू कुछ कहे और कुछ ये दिल सुनता है, है ना !

 

तेरे मेरे आस-पास एक ख़ुमार सा रहता है

तू जिसमे झूमता है और नशा मुझको होता है, है ना !

 

तेरी मेरी उम्र मे अक्सर ये होता है

जुबा खमोश और दिल रोता है, है ना !

 

Friday, 25 January 2013

अजनबी से मुलाकात हुई ........!


 

अजनबी से मुलाकात हुई ........!

 


आज जब उस अजनबी से मुलाकात हुई !

दिल को लगा जैसे की बिन कहे ही सारी बात हुई !

 

उसकी आँखे सब-कुछ कहने सुनाने लगी

उसकी बातें मुझपे जादू - सी छाने लगी !

आज जब उस अजनबी से मुलाकात हुई !

दिल को लगा जैसे की बिन कहे ही सारी बात हुई !

 

हर बात में एक नयी बात सुनायी देने लगी

मैं क्या करू भीड़ में भी तन्हाई महसूस होने लगी !

आज जब उस अजनबी से मुलाकात हुई !

दिल को लगा जैसे की बिन कहे ही सारी बात हुई !

 

नज़रें उसके चेहरें पे घूम- घूम कर जाने लगी

मैं लाख रोकू पर ये कहाँ बाज़ आने लगी !

आज जब उस अजनबी से मुलाकात हुई !

दिल को लगा जैसे की बिन कहे ही सारी बात हुई !

 

Wednesday, 23 January 2013

आओ जिन्दगी को और खुबसूरत बनाये


आओ जिन्दगी को और खुबसूरत बनाये

कुछ तुम जोर लगाओ

कुछ हम जोर लगाये

आओ जिन्दगी को और हसीन बनाये

कुछ तुम मुस्कुराओ

कुछ हम मुस्कुराये

आओ जिन्दगी को और नमकीन बनाये

कुछ तुम नमक लगाओ

कुछ हम मिर्च लगाये

आओ जिन्दगी को और जिन्दा  बनाये

कुछ तुम खिलखिलाओ

कुछ हम खिलखिलाए

 

Monday, 21 January 2013

रिश्तें .........?


रिश्तें .........?

 

क्या हुआ है तुझे संसार ....?

ना रहा भाई को भाई से प्यार

खो गये वो रिश्तें मजेदार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

आँखों में हैं बस नफ़रत की पुहार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

रिश्तों में है कड़वाहट की बौछार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

तीखी बातों से करतें है प्रहार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

रह गयी है अब आसुओं की धार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

क्या हुआ है तुझे संसार .......?

 

Saturday, 19 January 2013

क्या मौसम हैं !


क्या मौसम हैं !

 

क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये

क्यूँ बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !

 

तकल्फुफ़ ना करो बस तब्बसुम लेकर जाओ

मेरे घर तक बस वो खुशबू लेकर जाओ

मेरी तम्मनाओ को फिर उस प्यार से सहला जाओ

अब देर ना करो मौसम का तकाज़ा है तुम जाओ

तुम जाओ .....................

क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये

क्यूँ बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !

 

उन हसीन लम्हों का दौर फिर दोहरा जाओ

मेरे माथे की हर सिकन को मिटा जाओ

मेरी सांसों में वो स्नेह का संगीत बजा जाओ

अब देर ना करो मौसम का तकाज़ा है तुम जाओ

तुम जाओ .....................

क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये

क्यूँ बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !

Thursday, 17 January 2013

गज़ल - क्यूँ न आज फिर


गज़ल - क्यूँ न आज फिर

 

 

क्यूँ न आज फिर आपसे बात की जाए .........!

शिकायतों के बिन नयी सुरुवात की जाए .........!

 

मुस्कुरातें थे लब ये मेरे तेरे लबों को देखकर

गुनगुनाते थे लब ये मेरे तेरे लबों को देखकर

आज फिर इन लबों को ये सौगात दी जाए !

क्यूँ न आज फिर आपसे बात की जाए .........!

 

आप भी आप थे ........................हम भी थे हम

ओर खो गया ....था सारा.............. अपनापन

आज फिर उस परायेपन को मात दी जाए !

क्यूँ न आज फिर आपसे बात की जाए .........!

 

क्यूँ न आज फिर आपसे बात की जाए .........!

शिकायतों के बिन नयी सुरुवात की जाए .........!