Monday, 12 August 2013

सोचा ना था ?


सोचा ना था ?

 

उम्र के इस पड़ाव पे ,

कभी ऐसा भी होगा

सोचा ना था ?

कोई गैर अनजाना सा

कभी अपना भी होगा

सोचा ना था ?

अचानक ही कोई आकर

सुन्दर स्वप्न पिरो जायेगा

सोचा ना था ?

मेरे होटों से , मेरी मुस्कान के

दो-दो हाथ करा जायेगा

सोचा ना था ?

मेरे मन मयूर में

कोई संगीत भर जायेगा

सोचा ना था ?

मेरे सपाट मानस पे

कोई लकीरें खीच जायेगा

सोचा ना था ?

मेरी ऊमिदों को कोई

सच्चाई में बदल जायेगा

सोचा ना था ?

अंत में ..... ,

मेरा परिचय कोई

मुझसे ही करा जायेगा

सोचा ना था ?

सोचा ना था ?

Saturday, 13 July 2013

जिंदगी


जिंदगी

 

जिंदगी तेरे हर रूप को निहारते जा रहे है

तू सुने ....या ना सुने.....................................!

हम पुकारते जा रहे है !

तेरी महफ़िल में बैठकर तेरी गुफ्तगू किए जा रहे है

तू सुने ....या ना सुने.....................................!

हम पुकारते जा रहे है !

तेरे कानो के नीचे  हलके से फुसफुसाते जा रहे है

तू सुने ....या ना सुने.....................................!

हम पुकारते जा रहे है !

जिंदगी तुझे जी भर के सवारते जा रहे है

तू सुने ....या ना सुने.....................................!

हम पुकारते जा रहे है !

ऐ जिंदगी तेरी हर साँस में खुद को उतारते जा रहे है

अब तो सुन भी ले ये जिंदगी ....................!

हम बड़ी सिद्दत से पुकारते जा रहे है !

 

Monday, 8 July 2013

इजहारे मोहब्बत


इजहारे मोहब्बत 



एक सपना होना चाहती हु ...,

तुम्हारे मन के आस - पास 

एक ख्वाहिश होना चाहती हु ..,

तुम्हारे तन के आस - पास !

 

कुछ ओर पाने की ख्वाहिश 

हमेशा मुझमे चलती हैं 

वो शम्मा हु जो हर आलम में 

बे- खौफ़ जलती हैं !

 

यू  ही बैठें  रहने से 

कोई बात नहीं होती 

आप आए या हम आए 

वगरना मुलाकात नहीं होती !

 

वो लाख छुपाये पर प्यार कहाँ चुप पायेगा 

आँखों से उनकी बरबस ही बरस जायेगा !

 

मेरी चाहत में असर होगा तो 

तू खीचा चला आयेगा 

चाहेगा दूर रहना फिर भी

कहाँ रह पायेगा ! 

 

Tuesday, 25 June 2013

आजकल आपसे ....!


आजकल आपसे ....!

 

आजकल आपसे बात करने में ,

हिचकिचाहट-सी होंने लगी हैं ।

लगता है परायेपन की कोई

आहट - सी होंने लगी हैं ।

 

मशहुर थे किस्से हमारे

जिस गली - नुक्कड़ पर

आजकल वहाँ से गुज़रने में

कसमसाहट-सी होंने लगी हैं ।

आजकल आपसे बात करने में ,

हिचकिचाहट-सी होंने लगी हैं ।

 

 

बातें जो करते थे हमारी

दोस्ती और प्यार की

आजकल उनकी  बातों में  

फुसफुसाहट-सी होंने लगी हैं ।

आजकल आपसे बात करने में ,

हिचकिचाहट-सी होंने लगी हैं ।

Monday, 17 June 2013

Lovely lines of life............




आज फिर थोड़ा जी कर देखें ।



चलो ना आज फिर थोड़ा जी कर देखें ।

बेवजह थोड़ा मुस्कुरा कर देखें

राहों में थोड़ा रुक - रुक कर देखें

इसके - उसके घर थोड़ा टुक - टुक कर देखें

चलो ना आज फिर थोड़ा जी कर देखें ।

 

चलो ना आज फिर थोड़ा जी कर देखें ।

बचपन के साथियों से फिर मिल कर देखें

हर किसी की थोड़ी उड़ा कर देखें

रिश्तेदारों से कुछ रिश्ता निभा कर देखें

चलो ना आज फिर थोड़ा जी कर देखें ।

 

चलो ना आज फिर थोड़ा जी कर देखें ।

दोस्तों में हसीन महफिले जमा कर देखें

किसी को एक - दो लगा कर देखें

दिल की सारी हसरते निकाल कर देखें

चलो ना आज फिर थोड़ा जी कर देखें ।

 

Tuesday, 4 June 2013

बरसात


बरसात

 

देखो फिर बरसात आ गयी ............!

मेरी आँखों में.................

कई स्वप्न सजा गयी !

रिम जिम पुहरों से ..........

दिल को फिर सहला गयी !

देखो फिर बरसात आ गयी ...........!

 

आ के सोई यादों को........

एक बार फिर जगा गयी !

कुछ कुछ मुझे रुला गयी

ओर थोडा हँसा गयी ...!

देखो फिर बरसात आ गयी .............!

 

फिर एक बार जिन्दगी को....

जिन्दगी से मिला गयी !

मेरे जिन्दा होने का ...........

देखो जश्न मना गयी !

देखो फिर बरसात आ गयी ................!

Saturday, 1 June 2013

......निकल जाएगी जिंदगी !


......निकल जाएगी जिंदगी !

 

 

कभी हम हँस दे , कभी तुम भी हँस लो

यू ही मुस्कुरातें निकल जाएगी जिंदगी ।

 

कभी हम भूल करे , कभी तुम भी बहक पड़ो

संभलते - संभलाते निकल जाएगी जिंदगी ।

 

कभी हम खफ़ा हो , कभी तुम भी खीज लो

यू ही मन ते मनाते निकल जाएगी जिंदगी ।

 

कभी हम खर्च करे, कभी तुम भी उधार लो

यू ही चुकते - चुकाते निकल जाएगी जिंदगी ।

 

कभी हम प्यार करे, कभी तुम भी साथ दो

यू ही साथ निभाते निकल जाएगी जिंदगी ।

 

कभी हम जी ले , कभी तुम भी जी लो

जिंदगी को जिलाते निकल जाएगी जिंदगी ।

 

Friday, 31 May 2013

छंद शेर .......जिंदगी के नाम


छंद शेर .......जिंदगी के नाम

 

" हर मोड़ पे कुछ नया सिखाती चली गयी

जिंदगी तू मुझको लुभाती चली गयी "

 

" बनते बिगड़ते रिस्तो का आईना है जिंदगी,

कभी गमो का तो खुशियों का सामना है जिंदगी "

 

" जिंदगी ने फिर से खोई हुई रफ़्तार पकड़ ली

हमें को तो लगा छुट गई पर ये तो फिर चल पड़ी "

 

Saturday, 6 April 2013

अनुभव


अनुभव

आओ आज कुछ अनुभवों की बातें करे

कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी - पहचानी 

ख़ुद से मुलाकाते करे.........................!

बचपन से जवानी, जवानी से वयस्कता

हमें कुछ ना कुछ अनुभव कराती गई है

क्यू ना आज उसके निचोड़ की बातें करे

क्यू ना आज उसके हासिल की बातें करे

कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी - पहचानी 

ख़ुद से मुलाकाते करे.........................!

मैंने तो यही अनुभव किया है आज तक

की हम चाहे जितना जोर लगाये

हमारे बस में सब कुछ नहीं होता

ना जाने कौन हमें चलाता है, हमसे खेलता है

हमें नचाता है, हमें हसाता है, हमें रुलाता है

ये कभी - कभी तो पता ही नहीं चलता ?

इक पल को लगता है हम सब कुछ है, सर्वस्व है,

और दुसरे ही पल ये भी लगता है हम सब नहीं है

ये कितना विचित्र अनुभव है ?

पर यकीं मानो अब तक, यही अनुभव हुआ है मुझे…..

आओ आज कुछ अनुभवों की बातें करे

कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी - पहचानी 

ख़ुद से मुलाकाते करे.........................!

इसलिए जो माहौल है , जैसा है , और जितना है 

हमारे पास , उसमे खुश और संतुस्ट रहना चाहिए 

जिन्दगी हमारी है पर चलाने  वाला कोई ओर  है 

इस हकीक़त को नज़र अंदाज़ नहीं किया जा सकता 

इस सच्चाई के साथ आगे बढ़, हर समय चलते रहना चाहिए ,

निरंतर झरने - सा  कल -कल बहते रहना चाहिए 

कल की चिंता छोड़ कर आज को बेहतर बनाना चाहिए 

और जो हमारे बस में नहीं उसको पूरी तरह भूल जाना चाहिए ..

ताकि हम ओर बेहतर जी सके , जिंदगी  का रस पि सके 

आओ आज कुछ अनुभवों की बातें करे

कुछ नयी, कुछ पुराणी, कुछ जानी - पहचानी 

ख़ुद से मुलाकाते करे.........................!