जिंदगी
जिंदगी तेरे हर रूप को निहारते जा रहे है
तू सुने ....या ना सुने.....................................!
हम पुकारते जा रहे है !
तेरी महफ़िल में बैठकर तेरी गुफ्तगू किए
जा रहे है
तू सुने ....या ना सुने.....................................!
हम पुकारते जा रहे है !
तेरे कानो के नीचे हलके से फुसफुसाते जा रहे है
तू सुने ....या ना सुने.....................................!
हम पुकारते जा रहे है !
जिंदगी तुझे जी भर के सवारते जा रहे है
तू सुने ....या ना सुने.....................................!
हम पुकारते जा रहे है !
ऐ जिंदगी तेरी हर साँस में खुद को उतारते जा रहे है
अब तो सुन भी ले ये जिंदगी ....................!
हम बड़ी सिद्दत से पुकारते जा रहे है !
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