ग़ज़ल
उसकी हर बात सच्ची लगती है
वो झूठ कहते भी अच्छी लगती है
।।2।।
वो राहों में जब कही दिखती है
तो हर एक राह अच्छी लगती है ।।2।।
सुने दिल में तूफा सा उठता है
गीले होठों से जब वो हंसती है
।।2।।
मेरी आँखों का एक तू ही सपना है
जाना ये दिलबर तो अब तेरा अपना है
।।2।।