Tuesday, 19 March 2013

ग़ज़ल


 

ग़ज़ल

 

 

उसकी हर बात सच्ची लगती है

वो झूठ कहते भी अच्छी लगती है ।।2।।

 

वो राहों में जब कही दिखती है

तो हर एक राह अच्छी लगती है ।।2।।

 

सुने दिल में तूफा सा उठता है

गीले होठों से जब वो हंसती है ।।2।।

 

मेरी आँखों का एक तू ही सपना है

जाना ये दिलबर तो अब तेरा अपना है ।।2।।