छंद शेर .......जिंदगी के नाम
" हर मोड़ पे कुछ नया सिखाती चली गयी
ऐ जिंदगी तू मुझको लुभाती चली गयी "
" बनते बिगड़ते रिस्तो का आईना है जिंदगी,
कभी गमो का तो खुशियों का सामना है जिंदगी "
" जिंदगी ने फिर से खोई हुई रफ़्तार पकड़ ली
हमें को तो लगा छुट गई पर ये तो फिर चल पड़ी "