Tuesday, 2 April 2013

इरशाद




इरशाद 

 

हर बात पे , बेबात पे 

ये आपका ....ओर ...,

कहना अच्छा नहीं लगता 

इक ज़रा सा गौर करे  

बात - बात पे

ये आपका ....ओर ...,

कहना अच्छा नहीं लगता 

 

 
किस तरह करे कोई 

आपसे बातें 

होती नहीं हें आपसे 

जब मुलाकातें 

 

 
मैं क्या खफ़ा रहूँगी

आप रहने नहीं देते 

कुछ कहु अगर मैं 

आप कहने नहीं देते