Monday, 31 December 2012

आज फिर जीने को दिल करता है


आज फिर जीने  को दिल करता है

 

पता नहीं कब बीत गए वो कॉलेज के दिन

पता नहीं कब बिछड़ गए वो यार-दोस्त

अब जब जिंदगी किसी मक़ाम पर कर रुकी

तो अचानक ही ..........सबकी याद गयी

वो बातें , वो लड़कपन, वो मस्ती, और वो हँसी याद गयी

एक अरसा हो गया है मुझे खुलकर हसें

एक मुद्दत से मै कही रुक सी गयी थी

शायद जिंदगी की दौड़ में , जीना छोड़ चुकी थी

आज वो हर बात करने को दिल करता है

आज फिर जीने को दिल करता है

आज फिर जीने को दिल करता है

 

 

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