सिर्फ तू ...........
कोई मेरे मन से पूछे
तेरा वजूद क्या हैं
ईश्वर है , अल्लाह है
मेरा तू ही ख़ुदा है !
मेरे प्यार का आईना है,
मेरी भावनाओं का समंदर है ,
मेरी छोटी - सी हसीन दुनियाँ हैं
तूँ !
मेरा असीम संसार तू है
मेरा उठना , मेरा बैठना ,
मेरा चलना , मेरा रुकना भी है तूँ
!
मेरे हँसने और रोने का ....
एक-एक अंदाज़ है तूँ !
मेरी धडकनों की झनकार तू
मेरे वजूद का अक्स हैं तूँ
मैं, में नहीं तू हूँ
मेरे मैं का पता भी है तूँ
मेरे जीने की शान है तू ,
मेरी आन है तूँ !
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