Monday, 25 March 2013

only you........


सिर्फ तू ...........

कोई मेरे मन से पूछे

तेरा वजूद क्या हैं

ईश्वर है , अल्लाह है

मेरा तू ही ख़ुदा है !

मेरे प्यार का आईना है,

मेरी भावनाओं का समंदर है ,

मेरी छोटी - सी हसीन दुनियाँ हैं तूँ !

मेरा असीम संसार तू है

मेरा उठना , मेरा बैठना ,

मेरा चलना , मेरा रुकना भी है तूँ !

मेरे हँसने और रोने का ....

एक-एक अंदाज़ है तूँ !

मेरी धडकनों की झनकार तू

मेरे वजूद का अक्स हैं तूँ

मैं, में नहीं तू हूँ

मेरे मैं का पता भी है तूँ

मेरे जीने की शान है तू ,

मेरी आन है तूँ !

 

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