Wednesday, 9 January 2013

पर क्या करे हम ?


पर क्या करे हम ?

 

आज फिर कुछ लिखने को दिल करता है !

तुम्हे अपना कहने को दिल करता है !

जानते है हम की आप सुन-सुन कर थक गए

पर क्या करे हम ?

आज फिर वही दोहराने को दिल करता है !

तुम्हे अपना कहने को दिल करता है !

आज फिर वही भेल- पूरी खाने को दिल करता है

और तुम्हे भी खिलाने को  दिल करता है !

जानते है हम की यह बातें अच्छी नहीं है 

पर क्या करे हम ?

आज फिर वही दोहराने को दिल करता है !

तुम्हे अपना कहने को दिल करता है !

आज फिर मदमस्त हाथी-सा भटकने  दिल करता है

और तुम्हे भी संग भटकाने को  दिल करता है !

जानते है हम की यह ठीक नहीं  है 

पर क्या करे हम ?

आज फिर वही दोहराने को दिल करता है !

तुम्हे अपना कहने को दिल करता है !

आज फिर तुम्हारा इंतजार  करने को  दिल करता है

और तुम्हे सरे-राह ताकने को दिल करता है  !

जानते है हम की आप वक़्त के पाबंद नहीं  है 

पर क्या करे हम ?

आज फिर वही दोहराने को दिल करता है !

तुम्हे अपना कहने को दिल करता है !

 

Tuesday, 8 January 2013

मेरी बातों की दुनिया में....!


मेरी बातों की दुनिया में....!

बातें क्या होती है........?

बातें वो होती है जो, दिल के राज़ खोलती है

बातें क्या होती है...........?

बातें वो होती है जो, हमें जग जाहिर करती है

बातें क्या होती है........?

बातें वो होती है जो, जिन्दगी में रस घोलती है

बातें क्या होती है........?

बातें वो होती है जो, ज्ञान के भंडार खोलती  है

बातें कई होती है

मीठी भी, कडवी भी, मुलायम भी , कड़क भी

तो आप कैसी बातें करना पसंद करते है

अरे मैं तो ये पूछना ही भूल गई की क्या आप

बातें करना पसंद करते भी है या नहीं  ?

अगर हा तो .....आपका स्वागत है .......मेरी बातों की दुनिया में....!

 

Tuesday, 1 January 2013

हम बड़े ही अजीब होतें है ...........


हम बड़े ही अजीब होतें है ...........


 
हम बड़े ही अजीब होतें है ...........!

रहतें है सब के साथ ,

पर न जाने किसके करीब होतें है ...........!

 

भीड़ में तन्हाई को दुंद्तें है ,

तन्हाई में भीड़ को ...........

गैरों में अपनों को दुंद्तें है ,

अपनों में गैरों को ...........

हम बड़े ही अजीब होतें है ...........!

 

हम बड़े ही अजीब होतें है ...........!

रहतें है सब के साथ ,

पर न जाने किसके करीब होतें है ...........!

 

शोर में सन्नाटे को दुंद्तें है ,

सन्नाटे में शोर को ...........

दुखों में सुखों को दुंद्तें है ,

सुखों में दुखों को ...........

हम बड़े ही अजीब होतें है ...........!

 

Monday, 31 December 2012

आज फिर जीने को दिल करता है


आज फिर जीने  को दिल करता है

 

पता नहीं कब बीत गए वो कॉलेज के दिन

पता नहीं कब बिछड़ गए वो यार-दोस्त

अब जब जिंदगी किसी मक़ाम पर कर रुकी

तो अचानक ही ..........सबकी याद गयी

वो बातें , वो लड़कपन, वो मस्ती, और वो हँसी याद गयी

एक अरसा हो गया है मुझे खुलकर हसें

एक मुद्दत से मै कही रुक सी गयी थी

शायद जिंदगी की दौड़ में , जीना छोड़ चुकी थी

आज वो हर बात करने को दिल करता है

आज फिर जीने को दिल करता है

आज फिर जीने को दिल करता है