Wednesday, 23 January 2013

आओ जिन्दगी को और खुबसूरत बनाये


आओ जिन्दगी को और खुबसूरत बनाये

कुछ तुम जोर लगाओ

कुछ हम जोर लगाये

आओ जिन्दगी को और हसीन बनाये

कुछ तुम मुस्कुराओ

कुछ हम मुस्कुराये

आओ जिन्दगी को और नमकीन बनाये

कुछ तुम नमक लगाओ

कुछ हम मिर्च लगाये

आओ जिन्दगी को और जिन्दा  बनाये

कुछ तुम खिलखिलाओ

कुछ हम खिलखिलाए

 

Monday, 21 January 2013

रिश्तें .........?


रिश्तें .........?

 

क्या हुआ है तुझे संसार ....?

ना रहा भाई को भाई से प्यार

खो गये वो रिश्तें मजेदार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

आँखों में हैं बस नफ़रत की पुहार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

रिश्तों में है कड़वाहट की बौछार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

तीखी बातों से करतें है प्रहार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

रह गयी है अब आसुओं की धार

ना रहा भाई को भाई से प्यार

क्या हुआ है तुझे संसार .......?

 

Saturday, 19 January 2013

क्या मौसम हैं !


क्या मौसम हैं !

 

क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये

क्यूँ बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !

 

तकल्फुफ़ ना करो बस तब्बसुम लेकर जाओ

मेरे घर तक बस वो खुशबू लेकर जाओ

मेरी तम्मनाओ को फिर उस प्यार से सहला जाओ

अब देर ना करो मौसम का तकाज़ा है तुम जाओ

तुम जाओ .....................

क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये

क्यूँ बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !

 

उन हसीन लम्हों का दौर फिर दोहरा जाओ

मेरे माथे की हर सिकन को मिटा जाओ

मेरी सांसों में वो स्नेह का संगीत बजा जाओ

अब देर ना करो मौसम का तकाज़ा है तुम जाओ

तुम जाओ .....................

क्या मौसम हैं आओ ना आप पास की मौसम का लुत्फ़ उठाया जाये

क्यूँ बाँहों में भरकर आपको आज फिर कुछ गाया जाये !

Thursday, 17 January 2013

गज़ल - क्यूँ न आज फिर


गज़ल - क्यूँ न आज फिर

 

 

क्यूँ न आज फिर आपसे बात की जाए .........!

शिकायतों के बिन नयी सुरुवात की जाए .........!

 

मुस्कुरातें थे लब ये मेरे तेरे लबों को देखकर

गुनगुनाते थे लब ये मेरे तेरे लबों को देखकर

आज फिर इन लबों को ये सौगात दी जाए !

क्यूँ न आज फिर आपसे बात की जाए .........!

 

आप भी आप थे ........................हम भी थे हम

ओर खो गया ....था सारा.............. अपनापन

आज फिर उस परायेपन को मात दी जाए !

क्यूँ न आज फिर आपसे बात की जाए .........!

 

क्यूँ न आज फिर आपसे बात की जाए .........!

शिकायतों के बिन नयी सुरुवात की जाए .........!

 

Wednesday, 16 January 2013

वर्ना हर पल .............!


वर्ना हर पल .............!

 

 

कभी - कभी ही ऐसा माहौल होता है की हम जीते है

वर्ना हर पल ...........बस जीने के लिए ही मरते है !

 

कभी - कभी ही हम खुद को महसूस करते है

वर्ना हर पल .........बस मशीन से चलते है !

 

कभी - कभी ही हम दिल खोलकर हँसते है

वर्ना हर पल ..बस हँसने का नाटक करते है !

 

कभी - कभी ही हम वाकई में किसी की मदद करते है

वर्ना हर पल ..................बस बहाने बनाया करते है !

 

कभी - कभी ही हम सही में धर्म के काम करते है

वर्ना हर पल .......बस धर्म को बदनाम करते है !

 

कभी - कभी ही हम सच बोलने का दम भरते है

वर्ना हर पल ..........बस झूठी बातें ही करते है !

 

 

एक सच के साथ .......

आपकी हर्षा

Monday, 14 January 2013

ये बात बेवजह नहीं हो सकती......................!


 ये बात बेवजह नहीं हो सकती......................!

 

अचानक ही आपसे मेरी मुलाक़ात बेवजह नहीं हो सकती

कोई तो वजह होगी जरुर , ये बात बेवजह नहीं हो सकती

 

आपकी आवाज़ की कशिश अब तक मेरे कानो में गूंज रही है

आपकी आँखों की बोली अब तक मुझसे कुछ बोल रही है

अचानक ही आपसे मेरी मुलाक़ात बेवजह नहीं हो सकती

कोई तो वजह होगी जरुर , ये बात बेवजह नहीं हो सकती

 

कुछ तो बात है जो हमारे आपके बीच खुशबु सी फैली है

कुछ तो बात है जो हमें आपको एक मखमली सेतु से जोडती है

अचानक ही आपसे मेरी मुलाक़ात बेवजह नहीं हो सकती

कोई तो वजह होगी जरुर , ये बात बेवजह नहीं हो सकती